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 Sujet du message: हम एतय पृथ्वी ग्रह पर किएक रहैत छी ?
MessagePublié: Lundi 9. Juin 2025, 11:51 

हम एतय पृथ्वी ग्रह पर किएक रहैत छी ?


हम कोन-कोन नकारात्मक काज केलहुं अछि?
हम एतय पृथ्वी ग्रह पर किएक रहैत छी ?

अहाँकेँ सजा नहि भेटि रहल अछि।
अहाँ कोनो पाप नहि केलहुँ।
अहाँ कोनो नकारात्मक काज नहि केने छी।

अहाँकेँ मात्र १० प्रतिशत चेतना बाँकी अछि ।
कियो अहाँकेँ एतय एहि पृथ्वी ग्रह पर अनने छल ।


उत्तर


पृथ्वी ग्रह पर रहय वाला आत्मा के पास मात्र १० प्रतिशत चेतना बचल अछि |
अहाँ गहींर मे चलि गेल छी।
अहाँ निचला अवस्था मे चलि गेल छी।
अहाँ भगवानसँ दूर छी।
अहाँकेँ मात्र १० प्रतिशत चेतना बाँकी अछि ।
अहाँ अपन स्मृति गमा लेलौं।
अहाँ अपन आध्यात्मिक क्षमता गमा लेने छी।
कियो अहाँ के एतय एहि "पृथ्वी ग्रह" पर अनने छल |

भगवान् के शत-प्रतिशत चेतना छनि।

हर आत्मा भगवान् सँ अबैत अछि।
हर आत्मा एक बेर भगवानक संग छल।
अहाँ सेहो कहियो भगवानक संग छलहुँ।


हर आत्मा के कहियो शत-प्रतिशत चेतना छल।


हम भगवान् के छोड़ि देलहुँ।
हम सब भगवान स दूर भ गेल छी।

अहाँक चेतना मात्र १० प्रतिशत अछि।

भगवान् के पास वापसी के मतलब छै
१. बेसी चेतना वापस लेब
२. बेसी स्मृति पुनः प्राप्त करब
३. अधिक आध्यात्मिक क्षमता पुनः प्राप्त करब
४. पुनर्जन्मक चक्कासँ उतरब


चेतना

आत्मा सब के "पृथ्वी ग्रह" पर आनल गेल छल जेकर चेतना मात्र १० प्रतिशत अछि |
पहिने आत्मा मे शत-प्रतिशत चेतना रहैत छल।
अहाँक ९० प्रतिशत होश चलि गेल अछि।
यैह कारण अछि जे अहाँ पृथ्वी ग्रह पर रहैत छी ।
भगवान् लग घुरबाक अर्थ होइत अछि पुनः आरोहण।
आ अपन शत-प्रतिशत होश वापस लेबय लेल।


यादसभ

जेकरा बहुत कम याद छै, ओकरा "पृथ्वी ग्रह" पर लानलऽ गेलै ।
पहिने आत्मा मे शत-प्रतिशत याद रहैत छल।
अहाँ अपन स्मृति गमा लेलौं।
ताहि लेल अहाँ "पृथ्वी ग्रह" पर रहैत छी |
भगवान् लग घुरबाक अर्थ होइत अछि पुनः आरोहण।
आ अपन स्मृति के वापस पाबि लेब।


आध्यात्मिक "क्षमता"।

जे आत्मा के आध्यात्मिक क्षमता बहुत कम छै ओकरा "पृथ्वी ग्रह" पर आनल गेलै ।
आत्मा में पहिने बहुत रास आध्यात्मिक "क्षमता" होइत छल |
अहाँ अपन आध्यात्मिक "क्षमता" गमा लेने छी |
ताहि लेल अहाँ "पृथ्वी ग्रह" पर रहैत छी |
भगवान् लग घुरबाक अर्थ होइत अछि पुनः आरोहण।
आ अपन आध्यात्मिक क्षमता के पुनः प्राप्त करब।


जैविक निकाय

जैविक शरीर में फंसल आत्मा के "पृथ्वी ग्रह" पर आनल गेल छल |
मुक्त आत्मा के जैविक शरीर के जरूरत नै छै।
मुक्त आत्मा बिना जैविक शरीर के जीबैत अछि ।
अहाँक क्षमता खतम भ' गेल अछि।
अहाँकेँ जैविक शरीर चाही।
अहाँ जैविक शरीर मे फंसल छी।
ताहि लेल अहाँ पृथ्वी ग्रह पर रहैत छी ।
भगवान् लग घुरबाक अर्थ होइत अछि पुनः आरोहण।
आ अपन स्वतंत्रता वापस पाबि लेब।


आध्यात्मिक सहायता


१। अतीत जीवन प्रतिगमन

अपन याद के फेर स प्राप्त करू।
अपन बीतल जीवन देखू।
की अहाँ अपन बीतल जीवन मोन पाड़ि सकैत छी?
अहाँ पहिने कोन ग्रह पर रहैत छलहुँ ?
फेर मोन पड़ि सकैत अछि?
की अहाँ अपन अतीत लाइव मोन पाड़ि सकैत छी?
तखन अहाँ फेर आध्यात्मिक रूपेँ आरोहण करैत छी।
तखन अहाँ भगवान् लग घुरि जाइत छी।
तखन अहाँ बेसी चेतना वापस पाबि लैत छी।

२। रुकावट भंग करब

अहाँक अतीत मे बहुत रास नकारात्मक अनुभव अछि।
अहाँ की अनुभव केलहुँ जे आब मोन नहि राखय चाहैत छी?
अपन सब बीतल जीवन देखू।
सब किछु देखू।
कोन एहन नकारात्मक अनुभव भेल अछि जेकरा बिसरय चाहैत छी?
अपन याद वापस पाउ।

३। पुनर्जन्म के चक्का से उतरें

एकटा आत्मा फेर स्वतंत्र भ' सकैत अछि।
हम सब भगवान् लग वापस आबि सकैत छी।
एकटा आत्मा शत-प्रतिशत चेतना वापस पाबि सकैत अछि।


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